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Showing posts from February, 2022

तीसरी लहर - कोरोना महामारी और बिखरता घर

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तीसरी लहर - कोरोना महामारी और बिखरता घर "उदय हो गयी सारी तैयारी ? सब कुछ ठीक से रख लिया ?" विजय ने निराश स्वर में कहा। "हाँ भैया , हो गयी। सब कुछ ले लिया हैं।" उदय ने अपने बड़े भाई विजय से कहा "भाई! यह आपकी जैकेट मेरे पास ही रह गयी थी। इसे तो आप बैग में रखना भूल ही गये।" उदय और विजय की बहन अरुंधती ने कहा "नही छोटी , यह मैं भुला नहीं तेरे लिए ही रखी थी। तू ही रख ले इसे तुझे पसंद आ गयी हैं ना।" "वैसे भी इतने सालो बाद तुझे मेरी कोई चीज पसंद आयी हैं।" बोलते-बोलते उदय का गला भर आया। "तुझे याद हैं छोटी , पहले तू मेरी चीजों पर कितना जबरदस्ती करती थी , अपना हक़ जताया करती थी। मेरे ना देने पर रुठ कर बैठ जाती थी और मिल जाने पर प्यार से मुझे गले लगा लेती थी। आना... आज भी अपने भाई के गले लग कर खुश हो जा। आज बाबा जाने के बाद बहुत अकेला-अकेला लग रहा हैं।" कहते-कहते उदय की आंखों में आंसू आ गये। दोनों को प्यार देख कर विजय की आंखें भी नम हो गयी और अपने आंसुओ को छिपाने खिड़की के बाहर देखता हुआ अपने विचारों में खो गया। पिछले साल को...

सुर सम्राज्ञी भारतरत्न लता मंगेशकरजी को संगीतमय श्रद्धांजलि

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  दि. 19-02-22–दार-ए-सलाम , तंजानिया श्रध्देया भारतरत्न लता जी की श्रद्धांजलि को ध्यान में रखते हुए भारत से बाहर रहकर तंजानिया–इस्ट अफ्रिका के दार-ए-सलाम में भारतीय उच्चायुक्त तथा स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र द्वारा ' एक शाम लता के नाम ' का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम की पूर्ण रूप रेखा तथा प्रायोजन तंजानिया के सुप्रसिद्ध गायक और संगीतकार श्री बिपिन रायछेडा जी के मार्गदर्शन में तैयार हुआ था। कार्यक्रम का पुर्ण संचालन श्रीमती स्वनील आशेर जी ने किया। भारतीय उच्चायुक्त महोदय श्री बिनय प्रदान जी ने लता जी के तस्वीर पर फूल परिदान करके भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक श्री संतोष जी.आर. जी ने अपने भावनामय शब्दों से लता जी को याद कर उन्हें पुष्प पंखुड़ियों से श्रद्धांजलि अर्पित की। महोदय बिनय प्रदान जी ने लता जी को सम्बोधित करते हुए कहा , " दीदी कभी हमारे से अलग हो ही नहीं सकती। उनकी आवाज , उनके स्वर और रोमांचित करने वाली मीठी धुन हमेशा ज़ेहन में बसी रहेगी।" इस संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दस कलाकारो...

१५ फरवरी २०२२ को प्रकाशित मशहूर शायर बशीर बद्र जी के आलेख पर हिंदी से प्यार हैं समूह के पाठकों की प्रतिक्रियाएं एव स्वीकृति

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१५ फरवरी २०२२ को प्रकाशित मशहूर शायर बशीर बद्र जी के आलेख पर हिंदी से प्यार हैं समूह के पाठकों की प्रतिक्रियाएं एव स्वीकृति https://hindisepyarhai.blogspot.com/2022/02/blog-post_15.html?m=1 डॉ. दिपक बामोला बशीर बद्र सचमुच वो शायर हैं जिन्हें आम से ख़ास तक हर कोई पसंद करता है। सभी को उनका कोई न कोई शेर जरूर पसंद होगा। सूर्यकांत जी आपने इस लेख के माध्यम से बशीर बद्र जी को फिर से पढ़ने का मौका दिया। आपको इस उम्दा लेख के लिये बहुत बहुत बधाई। स्वीकृति सूर्या आदरणीय दीपक जी , बद्र का मतलब ही पूनम का चांद होता है। तो जाहिर है बशीर जी नाम आते ही चेहरे पर मुस्कराहट की तेज रोशनी चली आती है और उस पर उनकी शेर-ओ-शायरी तो गज़ल की आत्मा बनकर महफ़िलो में गूँजती है। आलेख की सरहाना के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया। डॉ.जगदिश व्योम बशीर बद्र जी पर लेख लगभग ठीक है.... बशीर बद्र अच्छे शायर हैं लेकिन विवादों में घिरे रहे हैं... फिराक गोरखपुरी जी से तो तुलना करना बेमानी ही होगा...   स्वीकृति सूर्या आदरणीय व्योम जी , आलेख पर सटीक प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। अनुप भार्गव बशीर बद्र मेरे पसंदीद...

१३ जनवरी २०२२ को प्रकाशित हास्यकवि गोपालप्रसाद व्यास जी के आलेख पर हिंदी से प्यार हैं समूह के पाठकों की प्रतिक्रियाए एवं स्वीकृति

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  १३ फरवरी २०२२ को प्रकाशित हास्यरसावतार गोपालप्रसाद व्यास जी के आलेख पर हिंदी से प्यार हैं समूह के पाठकों की प्रतिक्रियाएं एवं स्वीकृति   https://hindisepyarhai.blogspot.com/2022/02/blog-post_13.html?m=1 डॉ. दिप्ति अमृतसर कॉलेज आपने   विस्तृत जानकारी बहुत ही अत्यंत सारगर्भित , ज्ञानवर्धक और सटीक और रोचक तरीके से प्रस्तुत की। आपको बधाई और धन्यवाद। स्वीकृति सूर्या आदरणीया डॉ दीप्ति जी आलेख सरहाना की ख़ातिर आपका बहुत बहुत धन्यवाद।   हरप्रीत सिंह हास्य-कवि गोपाल प्रसाद व्यास जी सचमुच में बहुत मस्त व्यक्तित्व के धनी थे। हम भाग्यशाली हैं कि हमने उन्हें   जीवंत मंच से सुना। उनकी रचनाएँ श्रोताओं में सहज हास्य उत्पन्न करने में सक्षम होती थीं। सूर्यकांत जी , आपने अपने आलेख में विस्तार से उनके जीवन और कृतित्व की चर्चा की है । धन्यवाद । स्वीकृति सूर्या महोदय हरप्रीत जी , धन्य हुए यह जानकर की आप ने व्यास जी को जीवंत सुना है। तब तो यह आलेख उनके जीवन परिचय के सामने फीका हो गया होगा। आपका अखंड आभार आलेख को पसंद करके अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए। विजय न...