श्री स्वामी विवेकानंद का राष्ट्र को आवाहन
श्री स्वामी विवेकानंद का राष्ट्र को आवाहन भारतीय जीवन शैली , दर्शन और आध्यात्मिकता के प्रतीक और उसके स्वरूप में भारतीय व्यक्तित्व के बुद्धिजीवी स्वामी विवेकानंद जी को ही देखा जाता है। उनके विचारों ने न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व भर में अनेक राष्ट्र को प्रभावित किया है। उनके वेदांत दर्शन के रूप में सच्चे कर्म योगी ने पश्चिमी दुनिया में भी भारत की स्थायी रुचि और भारतीय जीवन को पुनर्जीवित किया है। उनके नव-वैदांतिक दर्शन से मानव जीवन का उद्देश्य लेकर उन्होंने पूरे राष्ट्र को आवाहन करते हुए कहा है कि मानव जीवन का उद्देश्य सार्थक , निस्स्वार्थ और सेवा - भाव वाला होना चाहिए। हमारा जीवन केवल एक अस्तित्व ही नहीं बल्कि दूसरों की मदद करने और उनकी सेवा करने वाला व्यतीत होना चाहिए। एक सार्थक जीवन वही कहलाता है जो मनुष्य के भीतर विकसित होने के साथ बाहर दूसरों के जीवन को भी विकसित किया जा सके। स्वामी जी के अनुसार एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण व्यक्ति के सुचरित्र निर्माण से शुरु होता है। राष्ट्र में नागरिकों का चरित्र व्यक्तित्व विकास निर्माण के साथ राष्ट्र के विकास का भी महत्त्वपूर्ण भाग है। उनके...